बुधवार को स्वास्थ्य विभाग देहरादून द्वारा कैंट विधानसभा क्षेत्र के वार्ड गांधी ग्राम क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं की ए.एन.सी. जांच की गयी, साथ ही उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को उपचार उपलब्ध कराया गया। शिविर में बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गयी। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को निःशुल्क औषधि वितरण किया गया और रक्तजांच सेवाएं भी दी गयी।

शिविर में कुल 142 गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गयी। जिसमें 47 ए.एन.सी. जांच, 4 ए.एन.सी. पंजीकरण और 10 उच्च जोखिम गर्भवतियों को चिन्हित किया गया। चिन्हित की गयी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की जायेगी।
क्षेत्रीय विधायक श्रीमती सविता कपूर ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। मां और शिशु की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अपील की कि समुदाय के सभी लोग मिलकर यह प्रयास करें कि उनके आस पास निवास करने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव सिर्फ अस्पताल में ही हो। संस्थागत प्रसव, मां और शिशु की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गांधी ग्राम पार्षद मीनाक्षी मौर्य ने कहा कि वे समुदाय में जागरूकता अभियान चलाकर होम डिलिवरी के प्रचलन को समाप्त करने का प्रयास करेंगे तथा साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि क्षेत्र में समस्त गर्भवती महिलाएं प्रसव हेतु चिकित्सालय में ही जायें।
शिविर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनएचएम डॉ. निधि रावत ने आशा कार्यकत्रियों को घर-घर अभियान के तहत आगामी तीन माह में प्रसव की संभावित तिथि वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करने की बात कही।
शिविर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. निधि रावत, डॉ. मोनिका श्रीवास्तव, डॉ. एस.के झा, डॉ. सेफाली वर्मा, सी.यू.एच.ओ. राकेश बिष्ट, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पंचम बिष्ट, फार्मेसी अधिकारी उर्मिला द्विवेदी, आशा फैसिलिटेटर बीना राणा, सुमित्रा चौहान, क्षेत्र की समस्त आशा कार्यकत्रियां के साथ यूपीएचसी गांधी ग्राम के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।