स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेशों के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा द्वारा देहरादून जनपद के निजी चिकित्सालयों में निरीक्षण को लेकर टीम का गठन किया गया। नैदानिक स्थापन अधिनियम के अंतर्गत गठित टीम द्वारा गुरूवार को छह चिकित्सालयों में औचक निरीक्षण किया गया। टीम का नेतृत्व कर रहे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि दून मेडिसिटी हॉस्पिटल, कारगी, पाइल्स केयर हॉस्पिटल आयुष वेलनेस सेंटर जोगीवाला और विनायक हैल्थ केयर हॉस्पिटल सुभाष नगर का संचालन नैदानिक स्थापन अधिनियम में पंजीकरण के बिना किया जा रहा था, टीम द्वारा बिना पंजीकरण संचालित किये जा रहे इन अस्पतालों को मौके पर बन्द करवाया गया।
हयात मेडिकल सेन्टर, शिमला बायपास रोड और एम.एस हॉस्पिटल नथनपुर में मौके पर चिकित्सक और अन्य स्टाफ मौजूद ना पाये जाने के कारण लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। पारस हॉस्पिटल ट्रॉमा एण्ड मार्फेस आईवीएफ सेन्टर, हरिद्वार बाईपास में डाक्टर मौजूद नहीं पाये गये और दो स्टाफ नर्स उत्तराखण्ड पैरा चिकित्सा परिषद में बिना पंजीकरण के कार्य करते पाये गये। चिकित्सालय को लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नैदानिक स्थापन अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण के बिना संचालित चिकित्सालयों को बंद किया जा रहा है। साथ ही स्टाफ और अन्य सुविधा संबंधी मानकों में ढील बरतने वाले चिकित्सालयों से भी जवाब तलब किया गया है। नैदानिक स्थापन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अनुसार आगे की कार्यवाही की जायेगी।

