साई शिव गंगा धाम में ऐतिहासिक आयोजन, 5210 किलो पारद शिवलिंग बना श्रद्धा का केंद्र

हरिद्वार। बहादराबाद टोल प्लाजा के समीप साई शिव गंगा धाम में बुधवार को विश्व के सबसे बड़े 5210 किलोग्राम वजन के पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार और शंख-घंटों की गूंज के साथ शिव आराधना के बीच देश भर से आए संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में की गयी। इस अवसर पर आयोजित संत समागम की अध्यक्षता करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वश्रम महाराज ने कहा कि भगवान शिव संपूर्ण सृष्टि के कल्याण के प्रतीक हैं।

पारदेश्वर महादेव की स्थापना मानवता के आध्यात्मिक उत्थान, विश्व शांति और सनातन धर्म के संरक्षण का दिव्य अभियान है। भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकती है। जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पारद शिवलिंग की उपासना से कलियुग में शीघ्र फल प्राप्त होता है। यह शिवलिंग रोग, शोक और दरिद्रता का नाश करने वाला है। आज भारत पुनः अपने आध्यात्मिक वैभव की ओर लौट रहा है।

निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि पारे को बांधकर शिवलिंग का रूप देना ऋषियों की रस विद्या का चमत्कार है। गुरु रघुनाथ यमूल की प्रेरणा से राजीव बंसल ने सनातन धर्म को अद्भुत उपहार दिया है। साध्वी ऋतम्भरा दीदी ने नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण पर ओजस्वी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि शिव ही सत्य हैं, शिव ही सुंदर हैं। पारदेश्वर महादेव की स्थापना से हरिद्वार की महिमा और बढ़ेगी।

आध्यत्मिक गुरु सुधांशु महाराज ने कहा कि आज बहुत ही पावन अवसर है जब तीर्थनगरी हरिद्वार के प्रवेश द्वार पर भगवान पारदेश्वर शिवलिंग की स्थापना विश्व के कल्याण के लिए हुई है। महंत रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव का अलौकिक आशीवार्द है। श्रीमहंत भगतराम महाराज, निर्मल अखाड़े के स्वामी ज्ञानदेव महाराज, महंत विष्णु दास ने भी संत समागम को संबोधित किया। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक संस्कृति है।

युवाओं को अपने धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है और ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक जागरण का कार्य करते हैं। साईं शिव गंगा धाम के मैनेजिंग ट्रस्टी राजीव बसल ने पारदेश्वर महादेव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शास्त्रों में पारद शिवलिंग को अत्यंत चमत्कारिक एवं कल्याणकारी माना गया है। विश्व के सबसे बड़े पारदेश्वर महादेव की स्थापना मानव कल्याण, विश्व शांति और सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से की गई है।

आने वाले समय में श्री साईं शिव गंगा धाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनेगा। कार्यक्रम का संचालन महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, उद्योगपति राजेन्द्र अग्रवाल, गौरव गाडिलकर, विहिप के केंद्रीय सह मंत्री हरिशंकर, रुड़की मेयर अनिता अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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