युवा आह्वान के तत्वावधान में उत्तराखंड युवा विधानसभा के छठे संस्करण का शुभारंभ मंगलवार को देहरादून स्थित UCF प्रेक्षागृह में हुआ। इस तीन दिवसीय विधानसभा का उद्घाटन प्रदेश के उच्च शिक्षा, सहकारिता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से उचित प्रक्रिया से चयनित 70 युवा विधायक इस विधानसभा में प्रतिभाग कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि युवाओं की सोच, ऊर्जा और भागीदारी से ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड को विकसित उत्तराखंड बनाया जा सकता है।

युवा आह्वान के निदेशक रोहित ध्यानी ने बताया कि युवा आह्वान कि यह पहल युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने और भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अध्यक्ष प्रकाश गौड़ ने उन्होंने बताया कि हम पहाड़ के युवाओं को मंच देकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में पिछले 8 वर्षों से कार्य कर रहे हैँ। उपाध्यक्ष ईश्वर बिष्ट ने बताया कि युवा आह्वान की सोच ने इस वर्ष विधानसभा में 33 प्रतिशत सीट महिला आरक्षित कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक तरह से क्रियान्वित करने का प्रयास किया। इस बार युवा विधानसभा में 23 महिला प्रतिभागी हैं।

कार्यक्रम के पहले दिन “आत्मनिर्भर उत्तराखंड से विकसित उत्तराखंड की ओर” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई, जो इस संस्करण की मुख्य थीम भी है। सदन की कार्यवाही पूरी तरह विधानसभा की तर्ज पर संचालित की गई, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से युवा विधायकों ने अपने विचार रखे।पक्ष की ओर से युवा विधायक जाह्नवी गैरोला ने कहा कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं को अपने ही गांवों में रोजगार दिया जा सकता है, जिससे पलायन पर रोक लगेगी।युवा विधायक अमित महंत ने पर्यटन, होम-स्टे और स्थानीय उत्पादों को आत्मनिर्भर उत्तराखंड की रीढ़ बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।महिला युवा विधायक विदुषी कापड़ी ने कहा कि विकसित उत्तराखंड की कल्पना तब तक अधूरी है, जब तक महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता के समान अवसर नहीं मिलते।

पक्ष विधायक देवाशीष पाण्डेय ने कहा चारधाम यात्रा और एडवेंचर टूरिज्म को सशक्त बनाकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी तथा बुनियादी ढांचे का विकास होगा।पक्ष विधायक रिया राणा ने कहा स्वयं सहायता समूहों और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, जिससे सामाजिक विकास भी तेज होगा।पक्ष विधायक सौरव सिँह ने कहा पहाड़ी राज्य होने के कारण आपदाएं आम हैं। आत्मनिर्भर ढांचे से स्थानीय स्तर पर संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध होंगे, जिससे संकट के समय त्वरित सहायता संभव होगी।वहीं पक्ष की महिला युवा विधायक अपूर्वा तोमर ने डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार को पहाड़ी क्षेत्रों की बेटियों के लिए बेहद आवश्यक बताया।पक्ष में विधायक पंकज सिँह ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों—जल, वन, जड़ी-बूटी और पर्यटन—से समृद्ध है। आत्मनिर्भर नीति से इन संसाधनों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन बढ़ेगा, जिससे राज्य की आय में वृद्धि होगी।

विपक्ष की ओर से युवा विधायक हिमांशु मेहता ने कहा कि सरकार की कई योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं और जमीनी स्तर पर युवाओं को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।युवा विधायक आशुतोष पंवार ने शिक्षा और रोजगार के अभाव को पलायन का मुख्य कारण बताते हुए इस पर ठोस नीति बनाने की मांग की।महिला युवा विधायक प्रेरणा बिष्ट ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।वहीं विपक्ष की महिला युवा विधायक मणिका राणा ने चेताया कि यदि विकास के नाम पर पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी की गई, तो उत्तराखंड की पहचान और भविष्य दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।
विपक्षी विधायक मयंक बिष्ट ने सदन में हुई सार्थक और अनुशासित बहस ने युवाओं की राजनीतिक समझ और नेतृत्व क्षमता को उजागर किया। विपक्ष विधायक मान्या रावत ने कहा कि दूरस्थ इलाकों में अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स, और स्कूलों में शिक्षकों की नियमित भर्ती सुनिश्चित की जाए।विपक्ष विधायक आशीष रावत पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों में सड़क, इंटरनेट, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अलग बजट और ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।विपक्ष विधायक अतहर खान ने कहा कि युवाओं के लिए जिला-स्तर पर उद्योग, स्टार्टअप समर्थन और सरकारी भर्तियों में तेजी लाई जाए ताकि पलायन रुके।विपक्ष विधायक प्राची कोठारी उत्तराखंड में निर्माण कार्यों और बड़ी परियोजनाओं के लिए सख्त पर्यावरणीय नियम लागू हों तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था मजबूत की जाए।विपक्ष विधायक अभिनव बंसल ने की मांग कि बागवानी, जैविक खेती, दुग्ध उत्पादन और हस्तशिल्प के लिए सब्सिडी, बाजार उपलब्धता और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी सुविधाएँ बढ़ाई जाएँ।विपक्ष के विधायक ने कहा ऋषभ भट्ट विकास योजनाओं के खर्च और परिणामों का सार्वजनिक ऑडिट हो तथा जनसुनवाई की व्यवस्था नियमित की जाए।
आयोजकों ने बताया कि यह युवा विधानसभा तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें आगामी सत्रों में परिसीमन 2026(भौगोलिक बनाम जनसंख्या दबाव ) और पर्यावरण बनाम विकास जैसे अहम विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।विधानसभा में युवाओं को संसदीय नियमों और कार्यवाही के बारे में बताते हुए इसका सफल संचालन सौरभ ममगाईं और कुलदीप सेमवाल ने किया। इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि विनोद चमोली,कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व युसीएफ अध्यक्ष मातवर सिँह रावत, युसीएफ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल, उत्तराखंड फरमासिस्ट एसोसिएसन राहुल लखेड़ा,युवा आह्वान सलाहकार एवं संरक्षक मनोज ध्यानी,लक्ष्मण नेगी,प्रशांत बडोनी,अनुज रावत,संदीप काला,संकित राणा, कनिका नेगी, नवीन वर्मा, कमल मिश्रा, राहुल सती आदि उपस्थित रहे।