ले. जनरल सतीश दुआ ने अपनी किताब ‘लीडरशिप इन यूनिफॉर्म्स : स्टोरीज़ ऑफ करेज, रीस्ट्रेंट एंड रिजॉल्व’ के बारे में चर्चा की। इस किताब में उन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए आतंकियों के खिलाफ चलाये गये ऑपरेशन्स और उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक्स के अनुभव, रणनीति और रोमांचक कहानियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राईक के बाद भारत ने देश-दुनिया में भारत की सैन्य ताकत का लोहा मनवाया है। आज भारत सैन्य तकनीक और साजोसामान निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है।

बच्चों द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि देशभक्ति का अर्थ भारतीय सेना में सेवा देना ही नहीं है, बल्कि आज जिस क्षेत्र में भी काम कर रहे हों, देशहित और देश के विकास का हिस्सा बनें। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि आप भारतीय सेना और बलिदानियों को सच्चा सम्मान देना चाहते हैं तो आप देश के एक अच्छे नागरिक बनें।
