उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय एच.पी.वी टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इसी कड़ी में देहरादून के जिला चिकित्सालय (गांधी शताब्दी अस्पताल) में एच.पी.वी. टीकाकरण का शुभारम्भ उत्तराखंड के राज्यपाल ले.ज. (से.नि.) गुरमीत सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, क्षेत्रीय विधायक खजान दास और अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

मॉडल टीकाकरण केन्द्र में समस्त अतिथियों की उपस्थिति में किशोरियों को एच.पी.वी. टीके की खुराक दी गयी। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा किशोरियों और उनके अभिभावकों से वार्तालाप किया गया। उत्साहित किशोरियों और अभिभावकों ने अपना अनुभव राज्यपाल से साझा किया। मॉडल टीकाकरण केन्द्र, देहरादून में कुल 29 किशोरियों को एच.पी.वी टीकारण की खुराक दी गयी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, मिशन निदेशक एन.एच.एम. मनुज गोयल, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, एन.एच.एम. निदेशक डॉ. रश्मि पंत, जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनु जैन, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मार्तोलिया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन.एच.एम. डॉ. बिमलेश जोशी, गांधी शताब्दी चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल आर्य, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पी.सी.पी.एन.डी.टी डॉ. निधि रावत, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैलाश गुंज्याल, यूएनडीपी से डॉ. विशाल, जिला सहायक प्रतिरक्षण अधिकारी यज्ञदेव थपलियाल, मॉडल टीकाकरण केन्द्र की ए.एन.एम गीता सहित क्षेत्रीय लाभार्थी बालिकाओं के परिजन, आशा कार्यकत्रियां और स्थानीय जनमानस उपस्थित रहे।
क्या है एच.पी.वी?
एचपीवी का अर्थ है ह्यूमन पैपिलोमावायरस। यह वायरस सर्वाइकल कैंसर का एक बड़ा कारण है। इस वायरस से बचाव के लिए ही एच.पी. वी का टीका भारत सरकार द्वारा लॉन्च किया गया है।
कौन है पात्र लाभार्थी ?
यह टीका सिर्फ बालिकाओं के लिए उपलब्ध है। ऐसी बालिकाएं जो 14वां जन्मदिन मना चुके हैं, उन्हें 15वें जन्मदिवस से पूर्व यह टीका लगाया जा रहा है।
टीका कहां उपलब्ध है ?
यह टीका सभी नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों और टीकाकरण केन्द्रों पर उपलब्ध है।
टीके का शुल्क
यह टीका भारत सरकार की ओर से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है, जो निःशुल्क उपलब्ध है।






