उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी की अध्यक्षता में देहरादून के ओबीसी कार्यालय में आयोग को प्राप्त विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई की गई। ओबीसी आयोग द्वारा हरिद्वार के मुकेश और पवन सिंह देहरादून जनपद से मुस्ताक आलम, हरिद्वार से राजकुमार, हरपाल, देहरादून के मंडी क्षेत्र से सरोज कुमार सिंघल और हरिद्वार की पलक सैनी के साथ कुल सात शिकायती प्रकरण पर सुनवाई की गई।

सुनवाई में आयोग द्वारा सर्वप्रथम शिकायतकर्ताओं का पक्ष सुना गया जिसमें हरिद्वार से मुकेश कुमार के नियुक्त संबंधी शिकायती प्रकरण पर उनके द्वारा बताया गया कि उनके पिताजी होमगार्ड में कार्यरत थे जिनकी बीमारी से सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी और होमगार्ड में प्रावधान है कि किसी व्यक्ति के सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित कोटे के अंतर्गत नियुक्ति दी जाती है लेकिन विभाग द्वारा उन्हें आश्रित कोटे के अंतर्गत नियुक्ति प्रदान नहीं की जा रही है। इस पर ओबीसी आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी द्वारा होमगार्ड विभाग की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि निरीक्षक होमगार्ड विरोध सिंह का पक्ष सुना गया जिससे वह संतुष्ट नहीं हुए। सुनवाई में अध्यक्ष संजय नेगी द्वारा विभाग की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ता के आश्रित कोटे के अंतर्गत नियुक्ति संबंधी प्रकरण पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सहन भौतिक पूर्वक विचार करें।

जनपद देहरादून से मुस्ताक आलम के पुरानी पेंशन योजना संबंधित शिकायती प्रकरण पर सुनवाई में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता की ओर से प्रतिनिधि जे.एस रावत और शिकायतकर्ता उपस्थित हुए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अध्यक्ष संजय नेगी द्वारा विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रकरण पर कार्मिक और न्याय विभाग का परामर्श प्राप्त कर प्रकरण पत्र का स्थानांतरण करें। जनपद हरिद्वार से राजकुमार के नियुक्ति संबंधी शिकायती प्रकरण पर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा के निदेशक की ओर से प्रतिनिधि के रूप में संयुक्त निदेशक देवेंद्र गिरी, संस्था अध्यक्ष कन्हैयालाल, पॉलिटेक्निक रुड़की की ओर से प्रतिनिधि कुलदीप त्यागी और शिकायतकर्ता उपस्थित हुए। सुनवाई में शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया कि प्राप्ति की नियुक्ति वर्ष 1996 में कन्हैया लाल पॉलिटेक्निक रुड़की में संविदा के रूप में हुई थी जिस पर विभाग द्वारा प्रार्थी को अवगत नहीं किया गया। विभाग की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि द्वारा आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा गया जिस अध्यक्ष द्वारा प्रकरण पर आयोग के सदस्य प्रहलाद चौधरी को कन्हैयालाल पॉलिटेक्निक, रूड़की, हरिद्वार में स्वयं जाकर प्रकरण का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

हरिद्वार जनपद के हरपाल सिंह के सेवानिवृत्ति के शिकायती प्रकरण पर विभाग की ओर से प्रतिनिधि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जगत सिंह और शिकायतकर्ता उपस्थित हुए। विभाग की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि द्वारा आयोग के समक्ष कथन व्यक्त किया गया कि शिकायतकर्ता के बोनस का भुगतान किया जाना अवशेष है और अन्य सभी व्यक्तियों का भुगतान विभाग द्वारा किया जा चुका है। हरिद्वार जनपद से पलक सैनी के ऋण संबंधी शिकायती प्रकरण पर हरिद्वार के उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की ओर से रोहित बडोला उपस्थित हुए। सुनवाई में उनके द्वारा आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा गया और आयोग द्वारा प्रकरण पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

सुनवाई में आयोग के सचिव गोवर्धन सिंह, सदस्य विनोद नाथ, सतीश पाल, मोहम्मद सिंह नेगी, महेंद्र कुमार वर्मा, शहज़ाद अहमद, प्रहलाद चौधरी, डॉ. के.अंसारी और कार्मिक रोहित गोपाल, विजयलक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।

