देवभूमि उत्तराखंड की पावन चारधाम यात्रा को शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बीच सुबोध उनियाल ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर स्थापित परीक्षण केन्द्रों का निरीक्षण कर उन्हें उचित सुविधाओं से परिपूर्ण किया जाए। साथ ही इन केन्द्रों पर स्थित एम्बुलेंस की फिटनेस का भी परीक्षण कर लिया जाए। उन्होंने चारधाम कन्ट्रोल रूम पर ईसीजी की व्यवस्था को लेकर पोर्टेबल मशीनों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस चारधाम यात्रा से हम बद्रीनाथ और केदारनाथ स्थित हॉस्पिटल का परिचालन शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिये और साथ ही सीएमओ को एलर्ट मोड पर रहकर कार्य करने के निर्देश दिये।

स्वास्थ्य मंत्री ने जिलेवार स्वास्थ्य उपकरणों की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी जिलों के सीएमओ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सफाई के मामले में कोई कोताही नहीं बरती जायेगी और किसी भी तरह की कमी पायी जाने पर सीएमओ की जवाबदेही तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल को रेफरल अस्पताल का तमगा देना खत्म करना होगा। इस संबंध में भी कड़ी कार्यवाही करने की जरूरत हैै। गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने जनपदवार विशेषज्ञ डॉक्टरों की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी विशेषज्ञता के अनुसार अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।

सुबोध उनियाल ने कहा कि मशीनों का सदुपयोग हो और सरकारी पैसे का दुरूपयोग न हो इसके लिए भी कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता मरीज का सम्पूर्ण ईलाज करना है। उन्होंने सभी डॉक्टरों को बेहतर कार्य कर उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।
इस अवसर पर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे, महानिदेशक सुनीता टम्टा, एमडी मनोज गोयल, निदेशक शिखा जंगपांगी तथा सभी जिलों के सीएमओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।