3100 हेक्टेयर बंजर भूमि का पुनरुद्धार और 2000 जल स्रोतों का उपचार किए जाने का है लक्ष्य : सतपाल महाराज

विशेष सत्र के दौरान उत्तराखंड के जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने जलागम विभाग द्वारा राज्य गठन के बाद किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए सदन को अवगत कराया कि जलागम विभाग द्वारा विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के अंतर्गत 1148 करोड़ की लागत से प्रदेश के आठ जनपदों में धान की खेती से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने 3100 हेक्टेयर बंजर भूमि का पुनरुद्धार और 2000 जल स्रोतों का उपचार किए जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि भागीरथ मोबाइल ऐप के माध्यम से आम जन को जल स्रोतों के चिन्हीकरण और उपचार में भागीदार बनाया गया है धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा के तहत अभी तक 6000 जल स्रोतों का चिन्नीकरण किया जा चुका है।

नागरिक उद्यान विभाग की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य में अनेक स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया गया है। उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना किए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है जिससे विश्व के देशों से लोग यहां आकर योग-ध्यान के साथ-साथ चारधाम यात्रा का लाभ उठा सकें। उन्होंने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी,ऊर्जा एवं पेयजल विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का ब्यावर प्रस्तुत प्रस्तुत करने के साथ-साथ राज्य को 2047 तक पूर्ण रूप से विकसित करने का विजन भी प्रस्तुत किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष की हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य के विकास के लिए धामी सरकार द्वारा 101175.33 रूपए का बजट प्रस्तुत करना है। जिसका उद्देश्य आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित कर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद 24659 करोड़ की धनराशि की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना भी उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर निश्चित रूप से प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी होगा।

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