उत्तराखंड राज्य स्थापना की “रजत जयंती” के उपलक्ष्य में 3 व 4 नवम्बर को आयोजित होने वाले विशेष सत्र की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन और गृह सचिव शैलेश बगोली ने उत्तराखंड के संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल से भेंट की। बैठक में आगामी विशेष सत्र की रूपरेखा, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और राज्य स्थापना के 25 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही उत्तराखंड के विकास यात्रा के भविष्य के रोड-मैप को लेकर भी समीक्षात्मक चर्चा की गई।
राज्य सरकार द्वारा पांचवें विधानसभा वर्ष 2025 के इस विशेष सत्र के लिए विधायी एवं संसदीय कार्यों का दायित्व मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपा गया है, जो वन, भाषा, निर्वाचन और तकनीकी शिक्षा विभाग का दायित्व भी संभाल रहे हैं।इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को ध्यान में रखते हुए विधानसभा सदन और सदन के बाहर सभी व्यवस्थाओं को समेकित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस बीच सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की 25 वर्ष की विकास यात्रा समर्पण, संघर्ष और सेवा की कहानी है। यह विशेष सत्र हमारे लिए आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर होगा। राज्य सरकार द्वारा इस आयोजन को ऐतिहासिक और जन-भागीदारी से परिपूर्ण बनाने के लिए सभी स्तरों पर तैयारी की जा रही है।